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क़बीरधाम,,,,,सपनों का महल और संवरती ज़िंदगी: संत राम मेरावी के जीवन में बदलाव की एक अद्भुत झलक

प्रधानमंत्री जनमन आवास ने खुशियों से भरा जीवन

कवर्धा, 20 सिंतबर 2026। कबीरधाम जिले के जनपद पंचायत बोड़ला के वनांचल ग्राम पंचायत ढोलबज्जा के सुदूर क्षेत्र में रहने वाले संत राम मेरावी का प्रधानमंत्री जनमन आवास की कहानी संघर्ष से सफलता और अभाव से आत्मनिर्भरता की एक सेवा संकल्प अभियान की प्रेरणादायक मिसाल है। अनुसूचित जनजाति वर्ग के संत राम, जो कल तक केवल तेंदूपत्ता संग्रह और कृषि मजदूरी के भरोसे किसी तरह अपने परिवार का गुजर-बसर कर रहे थे, आज पीएम जनमन योजना और सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से खुशहाल जीवन जी रहे हैं।वर्ष 2023-24 में स्वीकृत 2 लाख रुपये की राशि से न केवल उनका पक्का मकान बना, बल्कि विभिन्न शासकीय योजनाओं के अभिसरण ने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी।

सकारात्मक बदलाव की मनमोहक झलकियां कच्चे छप्पर के खौफ से पक्की छत की सुकून तक

पहले बारिश की रातों में टपकती छत सीलन और जहरीले जीव-जंतुओं के डर में बीतती था। आज वही संत राम अपने परिवार के साथ अपने पक्की छत के नीचे निश्चिंत और शांति की नींद से सोते हैं। पक्के मकान ने उनके चेहरे पर मुस्कान और मन में आत्म-सम्मान की नई भावना जगाई है।

धुएं से भरी झोपड़ी से धुआं-मुक्त आधुनिक रसोई

उज्ज्वला योजना के तहत एलपीजी गैस कनेक्शन मिलने से संत राम की पत्नी को अब लकड़ियों के धुएं और आंखों की जलन से मुक्ति मिल गई है। साफ-सुथरी रसोई में खाना पकाना अब उनके लिए तकलीफ नहीं, बल्कि सहूलियत और सेहत का प्रतीक बन गया है।

दीये की टिमटिमाती रोशनी से जगमगाता भविष्य

पंडित दीनदयाल उपाध्याय सौभाग्य योजना से बिजली का कनेक्शन मिलते ही घर का अंधेरा छंट गया। रात को अब दीये या चिमनी की टिमटिमाती रोशनी के बजाय बल्ब जगमगाते हैं। विद्युत की व्यवस्था से उनके बच्चों को पढ़ाई के लिए उज्ज्वल और रौशनी का माहौल मिला है।

दूर से पानी ढोने के कष्ट से मुक्ति

नल-जल योजना के माध्यम से जब सीधे आंगन में शुद्ध पेयजल पहुंचने लगा है।पानी के लिए रोज दूर-दूर भटकने का संघर्ष खत्म हो गया। इससे परिवार के समय की बचत हुई और संक्रामक बीमारियों का खतरा दूर हुआ।

स्वाभिमान, सेहत और आर्थिक संबल

स्वच्छ भारत मिशन के तहत बने शौचालय ने परिवार को गरिमा दी, तो आयुष्मान कार्ड ने किसी भी बड़ी बीमारी के मुफ्त इलाज की गारंटी दी। इसके साथ ही, विकसित भारत जी राम जी योजना के द्वारा के 125 दिवस के रोजगार की गारंटी साथी प्रत्येक कार्य दिवस के लिए 300 रूपए का मजदूरी भुगतान आर्थिक संबल का कारण बना। नियमित राशन कार्ड ने भोजन और आर्थिक तंगी की चिंता दूर पहले ही कर दी है।

नारी सम्मान और आर्थिक स्वावलंबन

महतारी वंदन योजना के तहत संत राम की पत्नी के बैंक खाते में हर माह आने वाली 1 हजार की राशि ने परिवार को वित्तीय मजबूती दी है। अब वे अपनी छोटी-मोटी जरूरतों के लिए किसी पर निर्भर नहीं हैं।

एक नई सुबह की ओर कदम

कच्चे छप्पर की बेबसी से पक्के मकान के स्वाभिमान तक की यह यात्रा केवल एक सरकारी सहायता की कहानी नहीं, बल्कि आशीर्वाद का वो दीपक है जिसने संत राम मेरावी के पूरे परिवार को सुरक्षा, समृद्धि, बेहतर स्वास्थ्य और सुंदर व सुरक्षित भविष्य की रोशनी दी है।

पदमराज ठाकुर

प्रधान संपादक

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