क़बीरधाम,,,,,,जिले में 43 हजार मीट्रिक टन से अधिक खाद का भंडारण, किसानों को समय पर मिल रही सुविधा

अब तक 28 हजार मीट्रिक टन से अधिक खाद और 2132 क्विंटल बीज का वितरण
किसानों को खाद-बीज उपलब्ध कराने प्रशासन कर रही लगातार मॉनिटरिंग, भंडारण और वितरण कार्य लगातार जारीकवर्धा, 10 जून 2026। कबीरधाम जिले में किसानों को खाद एवं बीज की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करने शासन-प्रशासन द्वारा लगातार प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। जिले में खाद-बीज का नियमित भंडारण, वितरण एवं निगरानी कार्य सतत रूप से जारी है। उप संचालक कृषि, जिला कबीरधाम से प्राप्त जानकारी अनुसार जिले के सेवा सहकारी समिति और निजी क्षेत्र में अब तक कुल 43157.88 मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया जा चुका है। इसमें यूरिया 22372.59 मीट्रिक टन, डीएपी 3805.90 मीट्रिक टन, एमओपी 2692.02 मीट्रिक टन, एसएसपी 8920.60 मीट्रिक टन तथा एनपीके 5366.77 मीट्रिक टन शामिल है। इसके अतिरिक्त डबल लॉक केंद्रों में भी 5668 मीट्रिक टन खाद सुरक्षित रूप से उपलब्ध है। किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अब तक 28790.82 मीट्रिक टन खाद का वितरण किया जा चुका है। इसमें सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से 21151.12 मीट्रिक टन खाद का वितरण किया जा चुका है। वहीं निजी क्षेत्र में 10457.02 मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया गया है, जिसके विरुद्ध 7639.70 मीट्रिक टन खाद किसानों को वितरित की जा चुकी है। प्रशासन द्वारा खाद वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी भी की जा रही है। वहीं जिले में अब तक 4740.70 क्विंटल बीज का भंडारण किया जा चुका है तथा किसानों द्वारा 2132.10 क्विंटल बीज का उठाव भी किया गया है। कृषि विभाग द्वारा लगातार भंडारण एवं वितरण कार्य की मॉनिटरिंग की जा रही है।
धरमपुरा के किसान अशोक साहू बोले- समय पर खाद मिलने से खेती की तैयारी हुई आसानधरमपुरा निवासी किसान श्री अशोक कुमार साहू ने बताया कि उनके पास लगभग 5 एकड़ कृषि भूमि है, जिसमें वे 2 एकड़ में गन्ना तथा 3 एकड़ में धान की खेती करते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले सीजन में उन्होंने लगभग 70 क्विंटल धान का विक्रय किया था। खरीफ सीजन की तैयारी के तहत वे समिति से खाद लेने पहुंचे, जहां उन्हें बिना किसी परेशानी के आवश्यक खाद उपलब्ध हो गई। श्री साहू ने बताया कि उन्होंने अपनी पूरी भूमि के लिए यूरिया, नैनो डीएपी, पोटाश तथा एसएसपी प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि गांव में कृषि कार्यों से जुड़े होने और कीटनाशक दुकान संचालित करने के कारण वे किसानों को भी संतुलित उर्वरक उपयोग और नैनो यूरिया-नैनो डीएपी के उपयोग की जानकारी देते हैं। उन्होंने बताया कि समिति में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है, यहां आने पर आसानी से उपलब्ध हो गया। किसानों को समय पर कृषि कार्य शुरू करने में सुविधा मिल रही है। साथ ही उन्होंने कृषि उन्नति योजना के तहत लगभग 49 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलने पर खुशी जताते हुए कहा कि इससे खेती के लिए आवश्यक सामान की व्यवस्था करने में सहयोग मिला है।




