
क्षत्रिय पराक्रम, वीरता और बलिदान के लिए जाने जाते हैं। छत्तीसगढ़ में क्षत्रियों का संगठित होना एक ऐतिहासिक सफलता है। बदलते समय के साथ इसकी आवश्यकता थी। यह मिथक आज टूट गया कि क्षत्रिय एक नहीं हो सकते। सर्व क्षत्रिय राजपूत महा संघ निश्चित रूप से अपने लक्ष्यों को प्राप्त करेगा।”
उक्त उद्गार विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने रायपुर में आयोजित सर्व क्षत्रिय राजपूत महासंघ के महाराणा प्रताप जयंती समारोह एवं स्नेह मिलन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के आसंदी से व्यक्त किये।
स्वागत भाषण करते हुए महासंघ के अध्यक्ष जे.के.सिंह ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया एवं क्षत्रिय संगठनों को परस्पर एकजुटता हेतु शुभकामनाएं दीं, महासंघ के लक्ष्यों की जानकारी देते हुए कहा कि हम अपने बच्चों के बीच की दूरियां मिटाएंगे।
महासंघ के प्रधान संरक्षक डॉ.रमन सिंह जी के मुख्य आतिथ्य में स्पीकर हाउस, शंकर नगर रायपुर में महाराणा प्रताप जयन्ती पर समारोह का आयोजन हुआ। प्रदेश के 19 क्षत्रिय संगठनों की ओर से नवनियुक्त पदाधिकारियों ने आपस में संगठित होने एवं उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्री राम एवं महाराणा प्रतापजी के तैल चित्र पर पूजन अर्चन एवं राष्ट्रगानके साथ हुआ।
मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने सर्वक्षत्रीय राजपूत महासंघ की कार्यकारिणी के 30 सदस्यों को शपथ ग्रहण कराया।
कार्यक्रम का संचालन भूपेंद्र सिंह राजपूत एवं अधिवक्ता अजीत सिंह, संयोजन गजेन्द्र सिंह ठाकुर के द्वारा किया गया। महासंघ के समस्त पदाधिकारियों के द्वारा विधानसभा अध्यक्ष को छत्तीसगढ़ राज्य में सवर्ण आयोग का गठन, यूजीसी बिल की वापसी एवं छत्तीसगढ़ में भारत सरकार के निर्देशानुसार ईडब्ल्यूएस आरक्षण 10% लागू करने हेतु ज्ञापन सौंपा गया।
संयोजकगण दिनेश सिंह चौहान, प्रेम सिंह ठाकुर, गजेंद्र सिंह ठाकुर, महेंद्र सिंह ठाकुर, संतोष सिंह चौहान, केदार सिंह ठाकुर, नरेश सिंह ठाकुर, गोविंद सिंह राजपूत, भूपेंद्र सिंह ठाकुर, अजीत सिंह ठाकुर ने प्रधान संरक्षक डॉ रमन सिंह, संरक्षक शंकर सिंह गहरवार सहित सभी केंद्रीय अध्यक्षों, संरक्षकों, पदाधिकारियों के प्रति आभार प्रकट किया।







