क़बीरधाम,,,,सात सप्ताह तक कबीरधाम में चला व्यापक “साइबर जागृति अभियान”।

सात सप्ताह तक कबीरधाम में चला व्यापक “साइबर जागृति अभियान”।
स्कूल-कॉलेज से लेकर गांव, बैंक, बाजार और सामाजिक संस्थाओं तक पहुंचा साइबर सुरक्षा का संदेश।
7,217 जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से 1,07,156 लोगों को किया गया साइबर अपराध से बचाव के प्रति जागरूक।
छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा साइबर अपराध के प्रति आमजन को जागरूक एवं सुरक्षित करने के उद्देश्य से संचालित “साइबर जागृति अभियान” के तहत कबीरधाम जिले में 15 अगस्त से 02 अक्टूबर 2026 तक सात सप्ताह की अवधि में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया। पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देशन में जिले के समस्त थाना एवं चौकी क्षेत्रों में पुलिस टीमों ने विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, व्यापारियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संस्थाओं एवं आम नागरिकों तक पहुंचकर साइबर अपराध के बदलते स्वरूप और उससे बचाव के प्रभावी उपायों की जानकारी दी।
अभियान के दौरान “जागरूक नागरिक, सुरक्षित समाज” की भावना के साथ साइबर सुरक्षा का संदेश जन-जन तक पहुंचाया गया। पुलिस टीमों ने समझाया कि डिजिटल सुविधा के साथ डिजिटल सतर्कता भी जरूरी है और छोटी-सी लापरवाही साइबर ठगी का कारण बन सकती है।
सात सप्ताह, सात प्रमुख विषय और व्यापक जनभागीदारी
प्रथम सप्ताह – डिजिटल सतर्कता एवं बुनियादी सुरक्षा
स्कूल एवं कॉलेजों में 06 कार्यक्रम आयोजित कर 489 विद्यार्थियों एवं नागरिकों को अनजान लिंक, संदिग्ध एप, कमजोर पासवर्ड, OTP एवं पासवर्ड साझा करने के खतरों तथा सुरक्षित सोशल मीडिया उपयोग के संबंध में जागरूक किया गया।
द्वितीय सप्ताह – वित्तीय धोखाधड़ी एवं NCRP सुरक्षा
बैंकिंग एवं वित्तीय संस्थानों में 14 कार्यक्रमों के माध्यम से 2,122 लोगों को UPI फ्रॉड, फर्जी बैंक अधिकारी, QR कोड, OTP तथा बैंकिंग जानकारी साझा करने से होने वाली धोखाधड़ी के प्रति सचेत किया गया।
तृतीय सप्ताह – डिजिटल अरेस्ट एवं फर्जी कॉल
वरिष्ठ नागरिकों को केंद्र में रखते हुए टाउन हॉल एवं विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से 112 कार्यक्रम आयोजित कर 6,492 लोगों को डिजिटल अरेस्ट, फर्जी पुलिस अधिकारी/CBI/ED अधिकारी बनकर किए जाने वाले कॉल, वीडियो कॉल ठगी एवं फर्जी नोटिस जैसे साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी दी गई।
चतुर्थ सप्ताह – स्मार्टफोन प्राइवेसी एवं सेफ ब्राउज़िंग
महिला कॉलेजों एवं सामुदायिक समूहों के बीच 1,712 कार्यक्रम आयोजित कर 37,268 लोगों को स्मार्टफोन प्राइवेसी, सोशल मीडिया सुरक्षा, फर्जी प्रोफाइल, साइबर उत्पीड़न तथा निजी फोटो एवं जानकारी साझा करने में सावधानी के संबंध में जागरूक किया गया।
पंचम सप्ताह – जॉब फ्रॉड एवं फिशिंग
युवाओं को केंद्र में रखते हुए 1,864 कार्यक्रमों के माध्यम से 24,030 लोगों को फर्जी ऑनलाइन नौकरी, फर्जी भर्ती प्रक्रिया, फिशिंग लिंक एवं ऑनलाइन अवसरों के नाम पर होने वाली ठगी के प्रति जागरूक किया गया। किसी भी नौकरी अथवा ऑनलाइन अवसर के नाम पर अग्रिम राशि जमा करने से पहले सत्यापन करने की सलाह दी गई।
छठवां सप्ताह – डेटा प्राइवेसी एवं सोशल मीडिया की सीमाएं
डेटा प्राइवेसी और सुरक्षित सोशल मीडिया व्यवहार को केंद्र में रखते हुए 2,209 कार्यक्रम आयोजित कर 17,513 लोगों को व्यक्तिगत जानकारी, फोटो, दस्तावेज, लोकेशन एवं अन्य संवेदनशील जानकारी अनजान व्यक्तियों अथवा सोशल मीडिया पर साझा न करने के प्रति जागरूक किया गया। साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल 1930 पर शिकायत करने की जानकारी भी दी गई।
सातवां सप्ताह – “संकल्प” अभियान
ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों में गांधी जयंती के अवसर पर “साइबर मुक्त छत्तीसगढ़” के संकल्प अभियान के तहत 1,300 कार्यक्रम आयोजित कर 19,242 लोगों को साइबर अपराध के विरुद्ध जागरूक किया गया तथा स्वयं जागरूक रहने और दूसरों को भी जागरूक करने का संकल्प दिलाया गया।
7,217 कार्यक्रमों में 1,07,156 लोगों तक पहुंचा साइबर सुरक्षा का संदेश
सात सप्ताह के इस व्यापक अभियान के दौरान कबीरधाम जिले में कुल 7,217 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 1,07,156 लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। अभियान में स्कूल-कॉलेज, बैंकिंग एवं वित्तीय संस्थान, वरिष्ठ नागरिक समूह, महिला कॉलेज, युवा वर्ग, ग्राम पंचायत, नगरीय निकाय, सामाजिक एवं व्यापारिक संस्थाओं सहित समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता रही।
थाना-चौकी स्तर पर लगातार चला जागरूकता अभियान
जिले के समस्त थाना एवं चौकी क्षेत्रों में पुलिस टीमों द्वारा स्कूल-कॉलेज, बाजार, बैंकिंग संस्थान, ग्राम पंचायत, सामुदायिक स्थल एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचकर साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। पोस्टर-बैनर, पंपलेट, सोशल मीडिया, व्हाट्सएप ग्रुप, जनचौपाल एवं प्रत्यक्ष संवाद के माध्यम से साइबर सुरक्षा का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया गया।
पुलिस टीमों ने नागरिकों को बताया कि साइबर अपराध से बचाव केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सतर्कता और जिम्मेदारी से जुड़ा विषय है। स्वयं जागरूक रहने के साथ परिवार के बुजुर्गों, बच्चों और अन्य सदस्यों को भी साइबर ठगी के नए तरीकों की जानकारी देना आवश्यक है।
यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी हो जाए तो बिना देरी किए 1930 पर शिकायत दर्ज करें तथा नजदीकी पुलिस थाना/साइबर सेल से संपर्क करें। समय पर शिकायत मिलने से ठगी की रकम को होल्ड कराने की संभावना बढ़ जाती है।
पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र कुमार यादव ने जिलेवासियों से अपील की है कि साइबर जागरूकता को केवल अभियान अवधि तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने दैनिक डिजिटल व्यवहार का हिस्सा बनाएं। OTP, PIN, CVV, पासवर्ड एवं बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें, अनजान लिंक पर क्लिक न करें, संदिग्ध कॉल एवं ऑनलाइन ऑफर के झांसे में न आएं तथा साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर सूचना दें।




