क़बीरधाम,,,,जिला अस्पताल कवर्धा से गुम हुई 01 मोटरसाइकिल को सिटी कोतवाली पुलिस ने नवीन बाजार से किया बरामद, वाहन स्वामी को किया सुपुर्द।

जिला अस्पताल कवर्धा से गुम हुई 01 मोटरसाइकिल को सिटी कोतवाली पुलिस ने नवीन बाजार से किया बरामद, वाहन स्वामी को किया सुपुर्द।
थाना सिटी कोतवाली क्षेत्रांतर्गत जिला अस्पताल कवर्धा से गुम हुई मोटरसाइकिल को कोतवाली पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही/ पता तलाश करते हुए बरामद कर वाहन स्वामी को सुपुर्द किया गया।
थना सिटी कोतवाली में प्रार्थी से प्राप्त आवेदन के अनुसार, प्रार्थी प्रमोद यादव पिता भगेला यादव, निवासी नेउरगांव कला, थाना बोडला, जिला कबीरधाम द्वारा दिनांक- 31.10.2026 को जिला अस्पताल कवर्धा से अपनी मोटरसाइकिल क्रमांक- CG- 09 D5 – 827 गुम हो जाने की सूचना दी गई थी। प्रार्थी की शिकायत पर थाना सिटी कोतवाली पुलिस द्वारा मोटरसाइकिल की पतासाजी हेतु आवश्यक कार्यवाही की गई।
पुलिस टीम द्वारा लगातार पतासाजी करते हुए गुम हुई मोटरसाइकिल को नवीन बाजार क्षेत्र से बरामद किया गया। इसके पश्चात विधिवत कार्यवाही पूर्ण कर मोटरसाइकिल को उसके वास्तविक स्वामी प्रार्थी प्रमोद यादव के सुपुर्द किया गया।
कबीरधाम पुलिस की वाहन स्वामियों से अपील
थाना सिटी कोतवाली प्रभारी निरीक्षक श्री लालजी सिन्हा ने वाहन स्वामियों से अपील की है कि यदि उनकी मोटरसाइकिल 1-2 वर्ष या उससे अधिक पुरानी हो गई है, तो वाहन के लॉक एवं चाबी की कार्यप्रणाली की विशेष रूप से जांच कराएं। यह सुनिश्चित करें कि मोटरसाइकिल किसी अन्य चाबी से तो चालू नहीं हो रही है। यदि वाहन का लॉक खराब अथवा कमजोर हो गया है, तो उसे तत्काल बदलवाएं।
उन्होंने बताया कि पूर्व में भी थाना सिटी कोतवाली में इस प्रकार का प्रकरण सामने आ चुका है। वर्तमान प्रकरण में मोटरसाइकिल के चोरी होने अथवा किसी व्यक्ति द्वारा भूलवश दूसरी चाबी से चालू कर ले जाने के संबंध में अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। ऐसी स्थिति से बचने के लिए वाहन स्वामियों को अपने वाहनों के लॉक की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए। वाहन की सुरक्षा के प्रति थोड़ी सी सावधानी संभावित वाहन चोरी की घटनाओं को रोकने में सहायक हो सकती है।
उक्त कार्यवाही थाना प्रभारी सिटी कोतवाली निरीक्षक श्री लालजी सिन्हा के कुशल नेतृत्व में की गई, जिसमें प्रशिक्षु उप निरीक्षक खिलेंद्र देवांगन, आरक्षक धर्मेंद्र मरावी एवं आरक्षक संतोष बांदेकर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



