क़बीरधाम,,,,भोरमदेव वाइल्डलाइफ सेंचुरी के वनग्रामों में युवाओं एवं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण

भोरमदेव वाइल्डलाइफ सेंचुरी के वनग्रामों में युवाओं एवं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण
कवर्धा। “संरक्षण भी, विकास भी” के मूलमंत्र के साथ भोरमदेव वाइल्डलाइफ सेंचुरी, छत्तीसगढ़ वन विभाग, कवर्धा वनमंडल द्वारा वनग्रामों के युवाओं एवं महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाने के उद्देश्य से विभिन्न रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
वनमंडलाधिकारी कवर्धा श्री निखिल अग्रवाल के निर्देशन एवं अधीक्षक, भोरमदेव अभ्यारण्य श्रीमती अनिता साहू के मार्गदर्शन में तथा वन परिक्षेत्र अधिकारी, भोरमदेव अभ्यारण्य कवर्धा एवं चिल्फी द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है।
पं. सुंदरलाल शर्मा एजुकेशन एकेडमी के माध्यम से भोरमदेव वाइल्डलाइफ सेंचुरी के विभिन्न वनग्रामों में स्थानीय युवाओं एवं महिलाओं को पांच दिवसीय निःशुल्क अल्पकालिक व्यवसायिक एवं सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षण का उद्देश्य स्थानीय युवाओं को आजीविकोपार्जन के अवसरों से जोड़ते हुए स्वरोजगार के लिए आवश्यक व्यावहारिक कौशल प्रदान करना है।
प्रथम चरण में वन परिक्षेत्र चिल्फी के वनग्राम चिल्फी, समनापुर, सिवनीकला एवं राजाधार तथा वन परिक्षेत्र भोरमदेव के वनग्राम छपरी, चौरा, छेरकी, केसदा, हरमो, झण्डी एवं बांधा के कुल 40 स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
इनमें वन विश्राम गृह, चिल्फी में 20 स्थानीय युवाओं को इलेक्ट्रिशियन कार्य तथा आदिवासी भवन, भोरमदेव में 20 स्थानीय युवाओं को प्लंबिंग कार्य का निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को संबंधित कार्यों के व्यावहारिक एवं व्यवसायिक पहलुओं के साथ-साथ स्वरोजगार प्रारंभ करने के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया जा रहा है।
प्रशिक्षण के प्रथम दिवस सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण किट का वितरण किया गया तथा पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा एवं प्रशिक्षण के उद्देश्यों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण पूर्ण होने के उपरांत सभी प्रतिभागियों को विभाग की ओर से हैंड टूल किट एवं प्रशिक्षण पूर्णता प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा। हैंड टूल किट का उद्देश्य प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को स्वयं का कार्य प्रारंभ करने तथा प्रशिक्षण में अर्जित कौशल को आजीविका के साधन में परिवर्तित करने में सहयोग प्रदान करना है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य भोरमदेव अभ्यारण्य के वनग्रामों में निवासरत स्थानीय युवाओं एवं महिलाओं को कौशल विकास, स्वरोजगार एवं आजीविका के अवसरों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना तथा उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। इस प्रकार वन संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय समुदायों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी सार्थक प्रयास किया जा रहा है।




