जिला कबीरधाम,,,,,,पी एम श्री सेजेस एम एस (हिन्दी माध्यम) पिपरिया में ऊर्जा संरक्षण एवं दक्षता विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता का शाला में आयोजित किया गया,,,,,,

पी एम श्री सेजेस एम एस (हिन्दी माध्यम) पिपरिया में * ऊर्जा संरक्षण एवं दक्षता* विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता का शाला में आयोजित किया.जिसमे कक्षा 6वीं से 29, कक्षा 7वीं से 26, तथा कक्षा 8वीं से 22 विघार्थियों ने भाग लिया। उक्त चित्रकला प्रतियोगिता में विघार्थियों का मार्गदर्शन विज्ञान शिक्षक बिहारी दास वैष्णव ने किया। ऊर्जा संरक्षण एवं दक्षता का मुख्य उद्देश्य हैं कि विघार्थियों के माध्यम से उनके घरों तथा आसपास के लोगों कों भविष्य में होने वाले ऊर्जा संकटों से अवगत करवाना तथा ऊर्जा की बचत हेतु जागरूक करना है।
उक्त चित्रकला प्रतियोगिता में कक्षावार विघार्थियों को उनके चित्रों के विषय आधारित उद्देश्य के आधार पर कक्षा 8वीं से प्रथम स्थान कु. पलक कौशले, द्वितीय शुभम मरकाम, तृतीय किरण धुर्वे, चतुर्थ सुदर्शन साहू,पंचम कु.आदिति यादव, कक्षा 7वीं से प्रथम कु. कौशिल्या पटेल, द्वितीय कु.जागृति चंद्रवंशी, तृतीय गुरु पालेकर, चतुर्थ गुनगुन चौहान,पंचम कु जानवी मनहर, टाकेश्वरी चंद्राकर तथा कक्षा 6वीं में प्रथम स्थान पर रितिका यादव, द्वितीय कमलेश नेताम, तृतीय संतोष साहू, चतुर्थ अमित सिंह चौहान, पंचम नीरज ने प्राप्त किया। निर्णायक प्रधान पाठिका रामकली गुप्ता और शिक्षक बिहारी दास वैष्णव रहे। उक्त प्रथम से पंचम स्थान तक के विघार्थियों को पेन,पैंसिल देकर पुरस्कृत किया और बड़े ही उत्साहपूर्वक और हर्षोल्लास से मनाया गया।
अधिकांश विघार्थियों के द्वारा चित्रकला प्रतियोगिता के माध्यम से सौर ऊर्जा संबंधित जानकारी जैसे सौर घर में सौर पैनल अपनाना, पवन चक्की , एल ई डी बल्ब का उपयोग। स्कूल, कालेज, सरकारी कार्यालयों, सड़कों और गांवों में पानी टंकी में तथा पी एम आवास घरों में सौर पैनल लगाए जाने हेतु प्रेरित करना। ऊर्जा संरक्षण एवं दक्षता से होने वाले लाभों से लोगो को जागरूक करने हेतु स्कूल, कालेज, सरकारी कार्यालयों तथा विभागों और जन प्रतिनिधियों के माध्यम से व्यापक रूप से प्रचार प्रसार करने की आवश्यकता है, जिससे पर्यावरण की सुरक्षा हो सके तथा प्रदूषण को कम किया जा सकें। अधिक से अधिक सौर ऊर्जा को अपनाने हेतु घरों, कार्यालयो व सार्वजनिक स्थानों पर सौर पैनल लगाने व उपयोग हेतु कार्य करना चाहिए। उक्त जानकारी विज्ञान शिक्षक बिहारी दास वैष्णव ने दी।





