क़बीरधाम,,,,सेवा संकल्प अभियान: किसानों की समृद्धि और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बना भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना

गन्ना उत्पादक किसानों को मिला संगठित बाजार और सुनिश्चित आय का संबल, रोजगार एवं स्थानीय कारोबार को भी मिली गति
कवर्धा, 17 सितम्बर 2026। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत शासन की योजनाओं और संस्थागत प्रयासों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने तथा किसानों को उनकी उपज का बेहतर आर्थिक लाभ दिलाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सफलता कबीरधाम जिले में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। जिले में संचालित भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना मर्यादित, कवर्धा स्थापना से ही गन्ना उत्पादक किसानों के लिए संगठित बाजार उपलब्ध कराने के साथ क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों और रोजगार का महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है। मात्र 49 करोड़ रुपये की प्रारंभिक स्थापना लागत से शुरू हुआ भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना आज क्षेत्र के किसानों, श्रमिकों, व्यापारियों, परिवहनकर्ताओं एवं विभिन्न सेवा प्रदाताओं की आजीविका से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ा हुआ है। कारखाना प्रबंधन के अनुसार स्थापना से अब तक गन्ना उत्पादक किसानों को लगभग 1 हजार 774 करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान किया जा चुका है।
भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना मर्यादित, कवर्धा प्रबंध संचालक ने बताया कि कारखाने की बेहतर शक्कर रिकवरी का लाभ भी किसानों तक पहुंचाया गया है। पिछले छह वर्षों के दौरान लगभग 152 करोड़ रुपये का अतिरिक्त रिकवरी भुगतान किसानों को किया गया। इस प्रकार किसानों को नियमित गन्ना मूल्य भुगतान के साथ उनकी उपज से प्राप्त बेहतर रिकवरी का अतिरिक्त आर्थिक लाभ भी मिला है। कारखाना क्षेत्र के किसानों द्वारा उत्पादित गन्ने का कुल मूल्य लगभग 1,774 करोड़ रुपये रहा है। इससे गन्ना उत्पादक किसानों को अपनी उपज के लिए एक संगठित बाजार और नियमित आय का आधार मिला है। आज भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना केवल शक्कर उत्पादन की इकाई नहीं, बल्कि किसानों की आय, रोजगार के अवसर और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को गति देने वाला क्षेत्र के विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है।
शक्कर उत्पादन के साथ बढ़ी आर्थिक गतिविधियां
भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने में गन्ना खरीदी एवं शक्कर उत्पादन के साथ-साथ शक्कर, शीरा, प्रेसमड और बगास जैसे प्रमुख एवं सह-उत्पादों के निर्माण तथा विपणन से भी बड़े स्तर पर आर्थिक गतिविधियां संचालित होती हैं। कारखाने के संचालन से प्रत्यक्ष रूप से जुड़े श्रमिकों एवं कर्मचारियों को रोजगार और पारिश्रमिक प्राप्त होता है। इसके अलावा गन्ना कटाई, परिवहन, कृषि आदानों की आपूर्ति, मशीनरी, मरम्मत, पैकेजिंग और स्थानीय सेवाओं से जुड़े लोगों के लिए भी निरंतर रोजगार एवं व्यवसाय के अवसर निर्मित हुए हैं।
स्थानीय बाजार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिली मजबूती
कारखाने से जुड़े सैकड़ों किसान, व्यापारी, परिवहनकर्ता और सेवा प्रदाता प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से इससे लाभान्वित हो रहे हैं। गन्ना खरीदी एवं भुगतान के माध्यम से क्षेत्र में नकदी का प्रवाह बढ़ने से स्थानीय बाजारों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है। भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने ने गन्ना उत्पादक किसानों को संगठित बाजार एवं सुनिश्चित आय का आधार उपलब्ध कराने के साथ ही रोजगार सृजन, सहायक गतिविधियों के विस्तार और स्थानीय व्यापार को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।




