कवर्धा

क़बीरधाम,,,,,प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना शुरू, किसान 31 जुलाई तक करा सकते हैं फसलों का बीमा

कवर्धा, 14 जुलाई 2026। किसानों की फसलों को सूखा, अतिवृष्टि, बाढ़, जलभराव, ओलावृष्टि, कीट एवं रोगों सहित प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन द्वारा खरीफ वर्ष 2026 के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू कर दी गई है। जिले के किसान निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा करा सकते हैं।
योजना के तहत जिले में धान (सिंचित एवं असिंचित), मक्का, सोयाबीन, अरहर (तुअर), मूंग, उड़द, कोदो, कुटकी, रागी एवं मूंगफली फसलें अधिसूचित की गई हैं। योजना में ऋणी एवं अऋणी दोनों प्रकार के किसान शामिल हो सकते हैं। अधिसूचित ग्रामों में अधिसूचित फसलों के लिए कृषि ऋण लेने वाले किसान योजना में अनिवार्य रूप से शामिल होंगे। वहीं, गैर-ऋणी किसान अपनी इच्छा से आधार कार्ड, बैंक पासबुक, बी-1, खसरा तथा स्व-प्रमाणित फसल बोआई प्रमाण-पत्र प्रस्तुत कर योजना का लाभ ले सकते हैं।
खरीफ वर्ष 2026-27 के लिए जिले में बजाज एलियांज जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को योजना के क्रियान्वयन हेतु बीमा कंपनी के रूप में चयनित किया गया है। योजना के अंतर्गत बाधित बुआई या रोपाई, प्राकृतिक आपदाओं से फसल क्षति, कटाई के बाद अधिकतम 14 दिनों तक चक्रवात, चक्रवाती वर्षा एवं बेमौसमी वर्षा से होने वाले नुकसान तथा स्थानीय स्तर पर ओलावृष्टि एवं जलभराव जैसी आपदाओं से होने वाली क्षति का बीमा संरक्षण प्रदान किया जाएगा। योजना के तहत किसानों को बीमित राशि का केवल 2 प्रतिशत प्रीमियम जमा करना होगा। वहीं, अधिसूचित फसलों धान, मक्का, सोयाबीन, मूंग, उड़द, अरहर, कोदो, कुटकी, रागी एवं मूंगफली के लिए शासन द्वारा निर्धारित प्रीमियम दर के अनुसार किसानों का अंश अत्यंत न्यूनतम रखा गया है।
कृषकों से अनुरोध किया गया है कि यदि एक ही अधिसूचित फसल के लिए अलग-अलग वित्तीय संस्थाओं से कृषि ऋण लिया गया हो, तो केवल एक ही स्थान से फसल बीमा कराएं तथा इसकी जानकारी संबंधित बैंक को दें। एक ही रकबा या खसरे का दोहरा बीमा कराए जाने पर बीमा कंपनी द्वारा आवेदन निरस्त किया जा सकता है। कृषि विभाग ने जिले के सभी किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि की प्रतीक्षा किए बिना अपने निकटतम प्राथमिक कृषि साख समिति, संबंधित बैंक, बजाज एलियांज जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड अथवा लोक सेवा केंद्र के माध्यम से अपनी फसलों का बीमा कराकर योजना का लाभ अवश्य लें।

पदमराज ठाकुर

प्रधान संपादक

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