कबीरधाम,,,,धान खरीदी में 70 लाख से अधिक की हेराफेरी का खुलासा, खरीदी प्रभारी गिरफ्तार

पदमराज सिंह,,,,,,पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह (भा.पु.से.), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र बघेल एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित पटेल के निर्देशन तथा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस के पर्यवेक्षण में कबीरधाम पुलिस द्वारा बड़ी कार्यवाही करते हुए थाना कुण्डा क्षेत्र अंतर्गत धान खरीदी केन्द्र पेण्ड्रीकला में हुए 70,43,200 रुपये के गबन/हेराफेरी के मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
मामले में प्रार्थी राजेन्द्र कुमार डाहिरे, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक राजनांदगांव शाखा कुण्डा द्वारा लिखित शिकायत प्रस्तुत की गई थी। शिकायत के अनुसार विपणन वर्ष 2025-26 में सेवा सहकारी समिति मर्यादित अंतर्गत धान उपार्जन केन्द्र पेण्ड्रीकला का निरीक्षण कलेक्टर खाद्य शाखा कबीरधाम के आदेश पर गठित जांच दल द्वारा किया गया।
जांच में पाया गया कि दिनांक 12.01.2026 की स्थिति में कुल 23319.20 क्विंटल धान की खरीदी दर्ज थी, जिसमें से 3880 क्विंटल धान का उठाव हो चुका था तथा शेष 19439.20 क्विंटल धान केन्द्र में उपलब्ध होना चाहिए था। किन्तु भौतिक सत्यापन में मात्र 17167.20 क्विंटल धान ही पाया गया, जिससे 2272.00 क्विंटल धान की कमी सामने आई। उक्त कमी की शासकीय मूल्य राशि 70,43,200 रुपये आंकी गई।
जांच प्रतिवेदन में स्पष्ट हुआ कि धान खरीदी प्रभारी विवेक चंद्राकर द्वारा तौल पत्रक एवं रजिस्टर में कुटरचना कर धान की हेराफेरी की गई तथा अमानत में खयानत करते हुए शासन को आर्थिक क्षति पहुँचाई गई।
प्रकरण में थाना कुण्डा में अपराध क्रमांक 15/2026 धारा 316(3), 316(5), 318(4), 336(3), 338, 340 भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान प्रार्थी, गवाहों एवं जांच दल के सदस्यों के कथन लिए गए तथा साक्ष्य संकलित किए गए।
पूछताछ में आरोपी द्वारा धान खरीदी के दौरान रिकॉर्ड में हेराफेरी करना स्वीकार किया गया, जिससे शासन को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।
थाना प्रभारी कुण्डा निरीक्षक विमल लावनिया के नेतृत्व में टीम गठित कर आरोपी विवेक चंद्राकर की पतासाजी कर दिनांक 26.03.2026 को गिरफ्तार किया गया एवं न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया।
उक्त कार्यवाही में उप निरीक्षक जयराम यादव, प्रधान आरक्षक मुकेश राजपूत, संजय मरावी, जयंती पटेल एवं जेठूराम साहू का विशेष योगदान रहा।




