कवर्धा

कबीरधाम,,,,,सर्पदंश से बचाव को लेकर जिले में विशेष जागरूकता अभियान

बारिश के मौसम में बढ़ता है सर्पदंश का खतरा, स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील

कवर्धा, 17 सितम्बर 2026। बारिश के मौसम में सर्पदंश की घटनाओं की आशंका को देखते हुए कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति के निर्देशन में जिला प्रशासन एवं जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा जिलेभर में विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के माध्यम से ग्रामीणों, किसानों, वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों सहित आम नागरिकों को सर्पदंश से बचाव तथा सर्पदंश की स्थिति में तत्काल चिकित्सा सुविधा लेने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डी. के. तुर्रे ने बताया कि बारिश के दौरान सांप खेतों, झाड़ियों एवं जलभराव वाले स्थानों से निकलकर सुरक्षित स्थानों की तलाश में घरों और गोठानों तक पहुंच सकते हैं। ऐसे में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। खेतों एवं झाड़ियों में काम करते समय गमबूट अथवा ऊंचे जूते पहनने, अंधेरे स्थानों या गड्ढों में हाथ डालने से पहले डंडे से जांच करने तथा रात के समय टॉर्च का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से घर एवं आसपास साफ-सफाई रखने, झाड़ियों तथा अनुपयोगी सामग्री को हटाने और खुले स्थान अथवा फर्श पर सोने से बचने की अपील की है। बच्चों को भी जमीन पर न सुलाने तथा रात में उठते समय पहले पर्याप्त रोशनी करने की सलाह दी गई है। साथ ही जूते-चप्पल पहनने से पहले उनकी जांच करने के लिए भी कहा गया है।

सर्पदंश होने पर तत्काल अस्पताल पहुंचाएं

स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि सर्पदंश की स्थिति में घबराने के बजाय पीड़ित को शांत रखें और प्रभावित अंग को यथासंभव स्थिर रखें। सर्पदंश वाले स्थान पर चीरा लगाना, जहर चूसने का प्रयास करना, कसकर रस्सी बांधना अथवा झाड़-फूंक का सहारा नहीं लेना चाहिए। इस प्रकार के उपाय मरीज की स्थिति को गंभीर बना सकते हैं। सर्पदंश होने पर समय बर्बाद किए बिना पीड़ित को निकटतम शासकीय स्वास्थ्य संस्था में ले जाना चाहिए। आपात स्थिति में 108 अथवा 112 पर कॉल कर निःशुल्क एम्बुलेंस सहायता प्राप्त की जा सकती है।

शासकीय अस्पतालों में उपचार की व्यवस्था

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले के शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में सर्पदंश के उपचार के लिए प्रशिक्षित चिकित्सा दल तथा आवश्यक एंटी स्नेक वेनम की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि सर्पदंश की स्थिति में घरेलू उपचार अथवा अंधविश्वास पर निर्भर न रहें और तत्काल चिकित्सकीय उपचार प्राप्त करें। सीएमएचओं ने जनप्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों, मितानिनों, सामाजिक संगठनों एवं नागरिकों से भी सर्पदंश से बचाव संबंधी जागरूकता संदेश को गांव-गांव तक पहुंचाने की अपील की है। सतर्कता, जागरूकता और समय पर चिकित्सा उपचार के माध्यम से सर्पदंश से होने वाली गंभीर जटिलताओं एवं मृत्यु के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

पदमराज ठाकुर

प्रधान संपादक

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